
देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में School Holiday News इन दिनों छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खासकर 10 अप्रैल से 14 अप्रैल 2025 तक लगातार पांच दिनों की छुट्टी के चलते राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इस दौरान छात्र न केवल पढ़ाई से थोड़ी राहत महसूस करेंगे, बल्कि परिवार संग लॉन्ग ट्रिप या धार्मिक आयोजनों में भी शामिल हो सकेंगे। अगर आप भी कहीं बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए एक बेहतरीन मौका है।
लगातार पांच दिन क्यों रहेंगे स्कूल बंद
इन पांच दिनों की छुट्टियों का कारण देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक पर्व हैं। 10 अप्रैल को महावीर जयंती, 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती, 12 और 13 अप्रैल को क्रमशः शनिवार और रविवार का नियमित अवकाश रहेगा, और अंत में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर अवकाश घोषित किया गया है।
इन सभी कारणों से स्कूल-कॉलेज में लगातार पांच दिन छुट्टियां रहेंगी, जिससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को एक लंबा ब्रेक मिलेगा। खास बात यह है कि ये सभी छुट्टियां विभिन्न धर्मों और समाज सुधारकों से जुड़ी हुई हैं, जिनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।
10 अप्रैल को विशेष अवकाश
10 अप्रैल को जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाई जाएगी। Mahavir Jayanti भारत के कई राज्यों में एक महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनाई जाती है। इस दिन जैन समुदाय के लोग विशेष प्रार्थनाएं, जुलूस और दान-पुण्य के कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसके चलते कई राज्यों में स्कूल और कॉलेजों को बंद रखा जाता है।
Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2025
11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जाती है। वह भारत के पहले महान समाज सुधारकों में से एक थे, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई। कई राज्य इस दिन को सम्मान के रूप में अवकाश घोषित करते हैं। स्कूल और सरकारी संस्थानों में इस दिन विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
14 अप्रैल को संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि
14 अप्रैल को भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है। यह दिन पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। उनके विचार और योगदान को याद करते हुए कई राज्य इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित करते हैं। Ambedkar Jayanti का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता के उनके दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुंचाना है।