
अगर आप सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश विकल्प की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की Fixed Deposit (FD) एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। खासकर जब आप ₹1 लाख की एफडी कराने की सोच रहे हों, तो यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि इस राशि पर आपको कितना ब्याज मिलेगा और किन-किन शर्तों के आधार पर।
सरकार द्वारा हर तिमाही में पोस्ट ऑफिस एफडी पर ब्याज दरें घोषित की जाती हैं और यह दरें अवधि के अनुसार भिन्न होती हैं। वर्ष 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) के लिए ये दरें हाल ही में अपडेट हुई हैं, जो निवेशकों के लिए फायदे का सौदा बन सकती हैं।
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ब्याज दरें तय करती हैं आपका रिटर्न
पोस्ट ऑफिस एफडी पर ब्याज दरें जमाराशि की अवधि के आधार पर निर्धारित होती हैं। वर्तमान में यह दरें निम्नानुसार हैं —
1 वर्ष पर 6.9%, 2 वर्ष पर 7.0%, 3 वर्ष पर 7.1% और 5 वर्ष पर 7.5%। इन सभी योजनाओं में तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज (quarterly compounding interest) मिलता है, जो लंबे समय में ज्यादा रिटर्न सुनिश्चित करता है।
₹1 लाख की एफडी पर क्या होगा कुल रिटर्न
अगर आप ₹1 लाख की एफडी कराते हैं, तो ब्याज की गणना कुछ इस प्रकार होगी:
- 1 वर्ष की FD पर आपको लगभग ₹6,900 का ब्याज मिलेगा और कुल राशि होगी ₹1,06,900।
- 2 वर्ष की FD पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलाकर आपकी राशि ₹1,14,490 तक पहुंच सकती है।
- 3 वर्ष की FD में यह बढ़कर ₹1,22,869 हो जाएगी।
- और 5 वर्ष की FD पर यह राशि ₹1,43,440 तक जा सकती है, यानी करीब ₹43,440 का ब्याज लाभ।
यह सारे आंकड़े तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर हैं, जिससे आपकी पूंजी तेजी से बढ़ती है।
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पोस्ट ऑफिस FD के फायदे
पोस्ट ऑफिस की एफडी न केवल सरकारी गारंटी के तहत आती है, बल्कि इसमें निवेश करना भी बेहद आसान है। आप इसे किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से करा सकते हैं। टैक्स सेविंग FD का विकल्प भी 5 वर्ष की योजना में मौजूद है, जिसमें धारा 80C के अंतर्गत टैक्स छूट मिलती है।
ब्याज की गणना कैसे होती है
पोस्ट ऑफिस एफडी में ब्याज की गणना चक्रवृद्धि आधार पर होती है, जिसे हर तिमाही में जोड़ा जाता है। इसका मतलब है कि हर तीन महीने बाद आपकी मूल राशि पर जो ब्याज जुड़ता है, अगली बार ब्याज उसी बढ़ी हुई राशि पर लगेगा। इस तरह आपका कुल रिटर्न अधिक हो जाता है।
क्या FD पर टैक्स लगता है?
जी हां, एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स बनता है। यदि किसी वित्तीय वर्ष में आपकी एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक हो जाता है, तो उस पर TDS (Tax Deducted at Source) काटा जाता है। हालांकि, यदि आपकी कुल आय टैक्स की सीमा से कम है, तो आप फॉर्म 15G/15H भरकर TDS से बच सकते हैं।
(FAQs)
Q. क्या पोस्ट ऑफिस एफडी में ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं?
हां, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक या डाकघर की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन एफडी की सुविधा उपलब्ध है।
Q. क्या FD को बीच में तोड़ा जा सकता है?
जी हां, लेकिन इससे ब्याज दर पर असर पड़ता है और कुछ पेनाल्टी भी लग सकती है।
Q. क्या FD पर लोन लिया जा सकता है?
हाँ, पोस्ट ऑफिस एफडी पर आप लोन भी ले सकते हैं, जो जमा राशि का एक निश्चित प्रतिशत होता है।
Q. 5 साल की FD पर टैक्स बेनिफिट कैसे मिलता है?
5 वर्षीय टैक्स सेविंग एफडी पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
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