
जब किसी व्यक्ति के साथ कोई क्रिमिनल घटना (Criminal Incident) घटित होती है, तो सबसे पहला कदम होता है पुलिस में शिकायत दर्ज कराना। इस प्रक्रिया को एफआईआर (FIR) यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report) कहा जाता है। हिंदी में इसे ‘प्राथमिकी’ के नाम से जाना जाता है। एफआईआर दर्ज करना नागरिकों के लिए एक कानूनी अधिकार है और इसे दर्ज कराना आपराधिक मामलों में न्याय प्राप्त करने की पहली सीढ़ी है।
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एफआईआर शब्द नागरिक सुरक्षा संहिता (Code of Criminal Procedure) की धारा 173 से जुड़ा हुआ है, जो पुलिस को किसी अपराध की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू करने का अधिकार देती है।
कौन-कौन से अपराधों में दर्ज होती है FIR?
भारत में अपराध दो प्रकार के होते हैं — संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) और असंज्ञेय अपराध (Non-Cognizable Offence)।
संज्ञेय अपराध वे होते हैं जिनमें पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार होता है, जैसे:
- हत्या
- आत्महत्या
- बलात्कार
- डकैती
- किडनैपिंग
इन मामलों में आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट दर्ज करानी होती है। हालांकि अब कुछ मामलों में ऑनलाइन FIR की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है, जिससे आप बिना थाने गए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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दिल्ली पुलिस की पहल: e-FIR ऐप की शुरुआत
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए e-FIR ऐप लॉन्च किया है, जिसकी मदद से कुछ खास मामलों में आप ऑनलाइन एफआईआर दर्ज (Online FIR Registration) कर सकते हैं। खासकर घरों में हुई चोरी (Home Theft) और डकैती (Burglary) जैसे मामलों में अब लोग सीधे अपने मोबाइल से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
साथ ही, आप दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी FIR दर्ज कर सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) है और 24×7 उपलब्ध है।
किन मामलों में ऑनलाइन FIR दर्ज की जा सकती है?
दिल्ली पुलिस की वेबसाइट ‘दिल्ली पुलिस शांति सेवा न्याय’ पर दो प्रमुख कैटेगरी दी गई हैं:
- Citizen Service
- Police Service
Citizen Service के तहत आम लोग निम्नलिखित अपराधों की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं:
- चोरी (Theft) – यदि आपके घर, दुकान या ऑफिस में चोरी हुई है, तो आप वेबसाइट या ऐप पर जाकर FIR दर्ज कर सकते हैं।
- डकैती या लूटपाट (Robbery/Mugging) – अगर आपके साथ रास्ते में लूटपाट हुई है, तो तुरंत ऑनलाइन रिपोर्ट करें।
- मोबाइल, दस्तावेज़, क्रेडिट-डेबिट कार्ड चोरी या गुम (Lost/Stolen Items) – इस कैटेगरी में आप मोबाइल फोन, पहचान पत्र, एटीएम कार्ड आदि की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।
- वाहन चोरी (Vehicle Theft) – अगर आपकी बाइक या कार चोरी हो गई है तो आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- घरेलू हिंसा (Domestic Violence) – इस संवेदनशील मुद्दे पर भी अब महिलाएं घर बैठे FIR दर्ज कर सकती हैं।
- साइबर क्राइम (Cyber Crime) – जैसे ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक प्रोफाइल आदि की शिकायतें अब डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकते हैं।
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ऑनलाइन FIR दर्ज करने का प्रोसेस क्या है?
ऑनलाइन FIR दर्ज करने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करना होता है:
- सबसे पहले दिल्ली पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट या e-FIR ऐप पर जाएं।
- ‘Citizen Services’ या ‘Online FIR’ सेक्शन में जाएं।
- अपनी पर्सनल डिटेल्स भरें – नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि।
- घटना की जानकारी जैसे समय, स्थान, विवरण दर्ज करें।
- अगर कोई दस्तावेज़ या फोटो है तो अपलोड करें।
- अंत में सबमिट बटन पर क्लिक करें।
FIR दर्ज होते ही आपको एक Acknowledgement Number मिलता है जिससे आप अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
ऑनलाइन FIR के क्या फायदे हैं?
- सुविधा और समय की बचत: घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से FIR दर्ज की जा सकती है।
- पारदर्शिता: शिकायतकर्ता को ऑनलाइन एक नंबर मिलता है जिससे केस की प्रगति देखी जा सकती है।
- तुरंत कार्रवाई: पुलिस को तुरंत सूचना मिलती है और प्राथमिक जांच शुरू होती है।
- महिलाओं के लिए सहूलियत: संवेदनशील मामलों में महिलाओं को बिना थाने गए रिपोर्ट दर्ज करने की सुविधा मिलती है।
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क्या ऑनलाइन FIR पूरे भारत में उपलब्ध है?
फिलहाल ऑनलाइन FIR दर्ज करने की सुविधा कुछ राज्यों में ही उपलब्ध है, जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि। हर राज्य की पुलिस की वेबसाइट पर जाकर जांचा जा सकता है कि वह यह सुविधा देती है या नहीं।