Home Loan Prepayment Pros & Cons: लोन जल्दी चुकाने के फायदे और नुकसान, क्या आपको करना चाहिए प्रीपेमेंट?

आप सोच रहे हैं कि होम लोन की समय से पहले भरपाई करके भारी ब्याज से बचें, लेकिन क्या यह सही कदम है? जानिए प्रीपेमेंट से जुड़ी सभी जरूरी बातें, फायदे, नुकसान और वो छुपे सच जो आपकी वित्तीय प्लानिंग को बदल सकते हैं। पढ़िए पूरी जानकारी एक विशेषज्ञ के नज़रिए से।

By Pankaj Singh
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Home Loan Prepayment Pros & Cons: लोन जल्दी चुकाने के फायदे और नुकसान, क्या आपको करना चाहिए प्रीपेमेंट?

Home Loan Prepayment एक ऐसा विकल्प है, जो आपको आपके लोन की अवधि खत्म होने से पहले ही कर्ज मुक्त होने का मौका देता है। कई लोग जब थोड़ी अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं या बोनस मिलता है, तो यह सोचते हैं कि क्या इस रकम का उपयोग लोन प्रीपेमेंट के लिए करना सही रहेगा। हालांकि, इस फैसले से पहले इसके फायदे और नुकसान दोनों का विश्लेषण जरूरी हो जाता है।

Home Loan Prepayment क्यों है यह महत्वपूर्ण?

होम लोन का प्रीपेमेंट करने से सबसे पहला फायदा ब्याज बचत के रूप में सामने आता है। उदाहरण के लिए, अगर आपने 20 साल के लिए होम लोन लिया है और आप 5वें या 6ठे साल में कुछ बड़ी रकम प्रीपे करते हैं, तो आपकी EMI में तो फर्क नहीं पड़ता लेकिन लोन की अवधि घट जाती है, जिससे ब्याज पर मोटी रकम की बचत होती है। खासतौर पर तब जब होम लोन की ब्याज दर 8% से ऊपर हो।

दूसरा बड़ा फायदा है कर्ज से जल्द छुटकारा। जब आप समय से पहले लोन चुका देते हैं तो मानसिक रूप से एक राहत मिलती है और वित्तीय स्वतंत्रता भी। इसका मतलब यह है कि आप बाकी की राशि को अपनी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, यात्रा या अन्य निवेश जैसे म्यूचुअल फंड्स, शेयर बाज़ार या रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy स्टार्टअप्स में लगा सकते हैं।

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क्रेडिट स्कोर को मिलती है मजबूती

वहीं, प्रीपेमेंट का सकारात्मक असर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ता है। जब बैंक और वित्तीय संस्थाएं देखती हैं कि आपने लोन समय से पहले चुका दिया है, तो वे आपको एक जिम्मेदार उधारकर्ता मानती हैं, जिससे भविष्य में पर्सनल लोन, कार लोन या फिर IPO में निवेश के लिए आवश्यक ऋण लेना आसान हो जाता है।

हालांकि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। होम लोन प्रीपेमेंट के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं। सबसे पहला है कैश फ्लो पर असर। अगर आपने अपनी बचत का बड़ा हिस्सा प्रीपेमेंट में लगा दिया, तो आपात स्थिति में नकदी की कमी हो सकती है। यही नहीं, कुछ बैंक प्रीपेमेंट पर चार्ज या पेनाल्टी भी लगाते हैं, खासकर अगर लोन फिक्स्ड रेट पर है। इससे आपकी कुल बचत में कटौती हो सकती है।

निवेश बनाम प्रीपेमेंट

दूसरा विचारणीय पहलू है अवसर लागत। उदाहरण के लिए, यदि आप प्रीपेमेंट की जगह उस अतिरिक्त रकम को स्टॉक मार्केट, SIP या अन्य हाई रिटर्न साधनों में निवेश करते हैं, तो लंबी अवधि में आपको उससे बेहतर रिटर्न मिल सकता है। ऐसे में यह सोचना जरूरी हो जाता है कि क्या आपके लिए ऋण चुकाना बेहतर है या निवेश से धन सृजन करना।

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प्रीपेमेंट का निर्णय कैसे लें?

इसलिए होम लोन प्रीपेमेंट का फैसला लेने से पहले आपकी वित्तीय स्थिति, भविष्य की ज़रूरतें और निवेश से संभावित लाभ सब पर विचार करें। अगर आप रिस्क अवॉयडर हैं और मानसिक शांति प्राथमिकता है, तो प्रीपेमेंट आपके लिए मुफीद है। लेकिन यदि आप अधिक रिटर्न की सोच रखते हैं और लोन की EMI आपके बजट में फिट है, तो निवेश का विकल्प भी बेहतर हो सकता है।

FAQs

1. होम लोन प्रीपेमेंट करते समय क्या बैंक पेनाल्टी ले सकते हैं?
यदि आपका लोन फिक्स्ड रेट पर है, तो कुछ बैंक प्रीपेमेंट पर 2-3% तक पेनाल्टी चार्ज कर सकते हैं। फ्लोटिंग रेट लोन पर आमतौर पर पेनाल्टी नहीं लगती।

2. क्या एकमुश्त प्रीपेमेंट बेहतर है या आंशिक रूप से धीरे-धीरे करना?
अगर एकमुश्त रकम उपलब्ध है और भविष्य की जरूरतों पर असर नहीं पड़ेगा, तो एकमुश्त प्रीपेमेंट फायदेमंद होता है। वरना आंशिक प्रीपेमेंट भी अच्छी रणनीति है।

3. क्या होम लोन प्रीपेमेंट से टैक्स छूट खत्म हो जाती है?
हाँ, अगर आप पूरा लोन चुका देते हैं तो सेक्शन 80C और 24(b) के तहत मिलने वाली टैक्स छूट बंद हो जाती है।

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