Home Loan Down Payment Guide: डाउन पेमेंट कितना जरूरी है और इसे आसानी से कैसे जुटाएं?

क्या आप भी सोच रहे हैं कि घर खरीदना तो ठीक है, पर डाउन पेमेंट कहां से आएगा? इस लेख में जानिए वो स्मार्ट प्लान जिनसे आप बिना तनाव के अपनी डाउन पेमेंट राशि जुटा सकते हैं – और जल्द ही अपने नए घर में कदम रख सकते हैं!

By Pankaj Singh
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Home Loan Down Payment Guide: डाउन पेमेंट कितना जरूरी है और इसे आसानी से कैसे जुटाएं?

घर खरीदने की प्रक्रिया में सबसे बड़ा आर्थिक निर्णय होता है – Home Loan Down Payment। यह वो शुरुआती राशि होती है, जिसे घर की कुल कीमत से पहले ही जमा करना होता है। आमतौर पर होम लोन में बैंक संपत्ति की कुल कीमत का 75% से 90% तक लोन देते हैं, और बाकी राशि यानी डाउन पेमेंट खरीदार को स्वयं चुकानी होती है। इस लेख में हम समझेंगे कि डाउन पेमेंट क्यों जरूरी है, इसकी गणना कैसे होती है, और इसे आसानी से कैसे जुटाया जा सकता है।

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डाउन पेमेंट क्या है और क्यों होता है जरूरी

डाउन पेमेंट, होम लोन लेते समय आपकी वित्तीय भागीदारी को दर्शाता है। यह न केवल बैंक के लिए एक सुरक्षा की तरह काम करता है, बल्कि खरीदार की गंभीरता भी दर्शाता है। भारत में आमतौर पर 10% से 25% तक डाउन पेमेंट देना होता है, जो आपकी क्रेडिट स्कोर, बैंक की नीति और संपत्ति की लोकेशन पर निर्भर करता है। जितना ज्यादा डाउन पेमेंट, उतना कम लोन और ब्याज दर की संभावना बेहतर।

ब्याज दर और मासिक EMI पर डाउन पेमेंट का असर

अधिकांश बैंक डाउन पेमेंट को लोन-टू-वैल्यू (LTV) के आधार पर तय करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी संपत्ति की कीमत ₹50 लाख है और बैंक LTV 80% तक देता है, तो अधिकतम लोन ₹40 लाख होगा और ₹10 लाख का डाउन पेमेंट आपको करना होगा। यदि आप इससे ज्यादा डाउन पेमेंट करते हैं, तो आपकी EMI कम होगी और ब्याज पर दीर्घकालिक बचत भी होगी। यही कारण है कि जितना संभव हो, उतना ज्यादा डाउन पेमेंट करने की सलाह दी जाती है।

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डाउन पेमेंट के लिए पैसे कैसे जुटाएं

डाउन पेमेंट की बड़ी राशि एकमुश्त इकट्ठा करना आसान नहीं होता, लेकिन थोड़ी सी योजना और अनुशासन से यह संभव है। सबसे पहले अपनी मासिक आमदनी और खर्चों की समीक्षा करें और एक अलग Saving Account में नियमित बचत शुरू करें। इसके अलावा कोई फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड SIP या रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy जैसी थीम पर आधारित लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट से भी रिटर्न लेकर डाउन पेमेंट के लिए फंड तैयार किया जा सकता है।

अगर आप नौकरीपेशा हैं तो अपने Provident Fund (PF) खाते से भी आंशिक निकासी का विकल्प मिल सकता है, बशर्ते आप न्यूनतम आवश्यक वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हों। इसके अलावा, शादी में मिले गिफ्ट्स, बोनस, या टैक्स रिफंड जैसी अप्रत्याशित आमदनी को भी डाउन पेमेंट के लिए उपयोग करें।

डाउन पेमेंट के साथ लोन लेने के फायदे

कई लोग सोचते हैं कि कम से कम डाउन पेमेंट कर ज्यादा लोन ले लेना समझदारी है, लेकिन असल में अधिक डाउन पेमेंट करना ही फायदेमंद होता है। इससे आपकी मासिक EMI कम हो जाती है, कुल ब्याज में बचत होती है, और लोन जल्दी चुकाया जा सकता है। साथ ही, अधिक डाउन पेमेंट करने से आपका Loan Approval भी जल्दी हो सकता है, क्योंकि बैंक आपको कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं।

(FAQs)

क्या डाउन पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लिया जा सकता है?
तकनीकी रूप से लिया जा सकता है, लेकिन यह सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इससे आपकी ऋण देनदारी दोगुनी हो जाती है और क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ सकता है।

क्या कोई स्कीम है जिससे डाउन पेमेंट की मदद मिल सके?
कुछ सरकारी योजनाएं जैसे Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) कम डाउन पेमेंट या सब्सिडी प्रदान करती हैं, लेकिन वे केवल सीमित आय वर्ग के लिए उपलब्ध होती हैं।

क्या परिवार से उधार लेना एक विकल्प हो सकता है?
हाँ, यह एक सस्ता और आसान विकल्प हो सकता है यदि परिवार सहमत हो, लेकिन इसका वित्तीय दस्तावेजीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।

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Pankaj Singh

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