60 की उम्र के बाद कहां लगाएं पैसा? SCSS दे रहा है 8.2% का शानदार रिटर्न – जानिए क्यों है ये बेस्ट ऑप्शन

रिटायरमेंट के बाद इनकम के लिए परेशान हैं? Senior Citizen Savings Scheme-SCSS दे रहा है 8.2% का गारंटीड रिटर्न, जानिए क्यों इसे फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स बता रहे हैं बुढ़ापे का सबसे सुरक्षित सहारा!

By Pankaj Singh
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60 की उम्र के बाद कहां लगाएं पैसा? SCSS दे रहा है 8.2% का शानदार रिटर्न – जानिए क्यों है ये बेस्ट ऑप्शन

60 की उम्र के बाद वित्तीय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाती है। ऐसे समय में सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Savings Scheme – SCSS) एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आता है, जो न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि शानदार 8.2% का रिटर्न भी देता है। यह सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है, जो सेवानिवृत्त नागरिकों को एक स्थिर और विश्वसनीय आमदनी सुनिश्चित करती है।

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SCSS में ब्याज दर और निवेश की सीमा

SCSS में वर्तमान ब्याज दर 8.2% है, जो कि तिमाही आधार पर जमा की जाती है। यह दर अन्य फिक्स्ड इनकम विकल्पों से कहीं अधिक है। इस योजना में ₹1,000 से लेकर अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश किया जा सकता है। इससे यह योजना न केवल मध्यम वर्ग के लिए बल्कि उच्च निवेश क्षमता रखने वालों के लिए भी उपयुक्त बनती है।

निवेश अवधि और मैच्योरिटी के विकल्प

SCSS की मूल अवधि 5 वर्ष की होती है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर एक बार 3 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह लचीलापन निवेशकों को उनकी जरूरत के अनुसार योजना को आगे बढ़ाने का अवसर देता है।

कर छूट और टैक्स नियम

SCSS में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, अर्जित ब्याज पर टैक्स देय होता है और यदि सालाना ब्याज ₹50,000 से अधिक हो, तो TDS लागू होता है।

कौन कर सकता है निवेश?

SCSS में वे सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो। इसके अलावा, 55 से 60 वर्ष की उम्र के वे सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी भी पात्र हैं, जिन्होंने वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) या सुपरएनेशन के तहत रिटायरमेंट लिया हो।

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खाता कहां और कैसे खोलें?

SCSS खाता डाकघर (Post Office) या किसी भी अधिकृत बैंक शाखा में खोला जा सकता है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ों में PAN कार्ड, आधार कार्ड, पता प्रमाण, आयु प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। फॉर्म भरने और आवश्यक राशि जमा करने के बाद खाता सक्रिय हो जाता है।

SCSS क्यों है सबसे बेस्ट ऑप्शन?

SCSS एकमात्र ऐसी सरकारी गारंटी वाली स्कीम है जो वृद्ध नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई है। इसकी ब्याज दरें समय-समय पर बाजार के अनुसार संशोधित की जाती हैं, लेकिन फिर भी यह पीपीएफ-PPF, एनएससी-NSC या बैंक एफडी-FD से अधिक रिटर्न देती है। साथ ही इसका संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ होता है जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहता है।

FAQs

प्र. क्या SCSS में जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है?
हाँ, पति-पत्नी मिलकर जॉइंट खाता खोल सकते हैं, लेकिन पहला नाम सीनियर सिटिज़न का होना चाहिए।

प्र. क्या SCSS में समय से पहले निकासी संभव है?
हाँ, 1 वर्ष के बाद निकासी की जा सकती है, लेकिन कुछ प्रतिशत की पेनल्टी काटी जाती है।

प्र. ब्याज का भुगतान कैसे होता है?
ब्याज हर तिमाही के अंत में आपके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है।

प्र. क्या NRI इसमें निवेश कर सकते हैं?
नहीं, यह योजना केवल भारतीय निवासियों के लिए ही मान्य है।

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Pankaj Singh

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