आयुष्मान कार्ड से इलाज में दिक्कत? अस्पताल नहीं कर रहा सहयोग तो इस नंबर पर तुरंत करें शिकायत

देश की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम Ayushman Bharat Yojana के तहत हर साल मुफ्त इलाज का मौका मिलता है, लेकिन कई लोग अब तक इससे अंजान हैं। जानिए कैसे बनेगा आपका आयुष्मान कार्ड, कौन ले सकता है फायदा, और कहां करें शिकायत अगर अस्पताल इलाज से मना करे

By Pankaj Singh
Published on
आयुष्मान कार्ड से इलाज में दिक्कत? अस्पताल नहीं कर रहा सहयोग तो इस नंबर पर तुरंत करें शिकायत
आयुष्मान कार्ड से इलाज में दिक्कत? अस्पताल नहीं कर रहा सहयोग तो इस नंबर पर तुरंत करें शिकायत

आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम कहा जाता है, जो भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (National Health Policy) के तहत 2017 में शुरू किया गया था और इसका उद्देश्य देश के कमजोर और गरीब वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

यह भी देखें: बुजुर्ग माता-पिता बच्चों को संपत्ति से कर सकते हैं बेदखल? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कानून

कौन ले सकता है आयुष्मान भारत योजना का लाभ?

आयुष्मान भारत योजना विशेष रूप से देश के उन नागरिकों के लिए बनाई गई है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), आदिवासी समुदाय, दिहाड़ी मजदूर, दिव्यांग व्यक्ति, और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। साथ ही, गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले लोग भी इस योजना के पात्र हैं।

किन्हें योजना से बाहर रखा गया है?

इस स्कीम से वे लोग बाहर रखे गए हैं जो संगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं और जिनका प्रोविडेंट फंड (PF) कटता है। इसके अलावा, जिनके पास पक्का मकान, चार पहिया वाहन या स्थायी संपत्ति है, इनकम टैक्स (Income Tax) देने वाले नागरिक, और सरकारी कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। ESIC के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी भी इस स्कीम से बाहर हैं।

यह भी देखें: अब एयरपोर्ट पर नहीं होगी ज्वेलरी की जब्ती! कोर्ट का कस्टम डिपार्टमेंट को सख्त आदेश

इलाज कहां और कैसे होता है?

आयुष्मान भारत योजना के तहत देश भर में पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। मरीज अगर भर्ती होता है तो अस्पताल में भर्ती होने के 10 दिन पहले और बाद के खर्च को भी इस योजना के अंतर्गत कवर किया जाता है। यह योजना ओपीडी खर्च को कवर नहीं करती लेकिन बड़ी बीमारियों के इलाज जैसे सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलेसिस आदि को कवर करती है।

योजना में कौन-कौन सी बीमारियां कवर होती हैं?

Ayushman Bharat Scheme के अंतर्गत 1500 से ज्यादा मेडिकल और सर्जिकल पैकेज शामिल हैं। इसमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी से जुड़ी बीमारियां, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, लीवर संबंधी बीमारियां और पुराने रोग जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन इत्यादि भी शामिल हैं। साथ ही, हॉस्पिटलाइजेशन के दौरान जांच, दवाइयां, ऑपरेशन, ट्रांसपोर्ट खर्च और फॉलो-अप देखभाल भी कवर होती है।

यह भी देखें: गलत गवाह बना तो रजिस्ट्री का पैसा डूब सकता है! प्रॉपर्टी खरीदते वक्त न करें ये भूल

आयुष्मान कार्ड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले पात्रता की जांच करनी होती है। इसके लिए योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmjay.gov.in पर जाएं। वहां “Am I Eligible” विकल्प पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर दर्ज करें। OTP वेरिफिकेशन के बाद आप अपने राज्य और आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर से पात्रता जांच सकते हैं। पात्र पाए जाने पर नजदीकी PMJAY कियोस्क पर जाकर अपने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड और फैमिली सर्टिफिकेट के जरिए आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

ऑफलाइन कैसे करें पात्रता जांच?

जो लोग ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राम पंचायत कार्यालय, या किसी सरकारी अस्पताल में मौजूद ‘आयुष्मान मित्र’ से संपर्क करके भी पात्रता की जांच कर सकते हैं। पात्रता मिलने पर वहीं कार्ड बनवाया जा सकता है।

यह भी देखें: 8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव संभव! DA कैलकुलेशन का बेस ईयर बदलने की तैयारी

अस्पताल इलाज से मना करे तो कहां करें शिकायत?

अगर कोई अस्पताल, जो आयुष्मान पैनल में सूचीबद्ध है, इलाज करने से मना करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए सरकार ने कई विकल्प दिए हैं:

  • ऑनलाइन पोर्टल: https://grievance.abdm.gov.in
  • टोल-फ्री नंबर: 14555 या 1800-111-565
  • जिला शिकायत नोडल अधिकारी (DGNO) के पास जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा मामले की जांच की जाती है, और दोषी पाए जाने पर अस्पताल पर कार्रवाई की जाती है।

Author
Pankaj Singh

Leave a Comment

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें