लाडो योजना में मिलते हैं ₹1.5 लाख! जानें किन बेटियों को मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन

राजस्थान सरकार ने बेटियों के लिए शुरू की है एक जबरदस्त योजना – लाडो प्रोत्साहन योजना, जिसके तहत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक 1.5 लाख रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। बिना किसी जाति, धर्म या आय की बाध्यता के मिल रहा है ये फायदेमंद लाभ! जानिए कौन ले सकता है फायदा और कैसे मिलेगा पैसा

By Pankaj Singh
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लाडो योजना में मिलते हैं ₹1.5 लाख! जानें किन बेटियों को मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन
लाडो योजना में मिलते हैं ₹1.5 लाख! जानें किन बेटियों को मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन

राजस्थान में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत एक नई योजना ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ (Lado Protsahan Yojana) शुरू की गई है, जो राज्य की बेटियों के भविष्य को सशक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री राजश्री योजना की जगह अब यह योजना काम करेगी, जिसे राजस्थान की भाजपा सरकार ने दिसंबर 2024 में लॉन्च किया। इस योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर 21 वर्ष की उम्र तक कुल 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

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क्या है लाडो प्रोत्साहन योजना?

‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही एक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य में जन्म लेने वाली हर बेटी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत बेटियों को सात किस्तों में 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके या उनके माता-पिता के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह योजना ‘मुख्यमंत्री राजश्री योजना’ का विस्तार और नया स्वरूप है, जिसमें पहले सिर्फ ₹50,000 की सहायता दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर ₹1.5 लाख कर दिया गया है।

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी विशेष जाति, धर्म, वर्ग या आय सीमा की आवश्यकता नहीं है। Rajasthan में जन्म लेने वाली कोई भी बेटी इस योजना के लिए पात्र होगी, यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं:

  • बेटी का जन्म राजस्थान की मूल निवासी महिला से हुआ हो।
  • जन्म किसी सरकारी मेडिकल संस्थान या जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana) से अनुमोदित निजी अस्पताल में हुआ हो।

आवेदन की प्रक्रिया

लाडो प्रोत्साहन योजना के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती। जैसे ही बच्ची का जन्म किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में होता है, उस बच्ची का डेटा चिकित्सा विभाग के पोर्टल पर स्वतः अपलोड हो जाता है। इसके बाद सरकार उसी डेटा के आधार पर उसका पंजीकरण करती है और किस्तों में राशि ट्रांसफर की जाती है।

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कैसे मिलती है ₹1.50 लाख की सहायता?

योजना के अंतर्गत कुल ₹1,50,000 की राशि सात किस्तों में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दी जाती है। इनमें से छह किस्तें बच्ची के माता-पिता के बैंक खाते में जाती हैं, जबकि अंतिम और सबसे बड़ी किस्त बेटी के बैंक अकाउंट में जमा की जाती है। किस्तों का वितरण इस प्रकार होता है:

  • जन्म के समय ₹5,000
  • 1 वर्ष की आयु पर और सभी वैक्सीनेशन पूरे होने के बाद ₹5,000
  • पहली कक्षा में प्रवेश के समय ₹10,000
  • छठी कक्षा में प्रवेश पर ₹15,000
  • 10वीं कक्षा में प्रवेश पर ₹20,000
  • 12वीं कक्षा में प्रवेश पर ₹25,000
  • ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने और 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर ₹70,000

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आवश्यक दस्तावेज

इस योजना के लिए जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, वे इस प्रकार हैं:

  • मां का मूल निवासी प्रमाण पत्र (राजस्थान का)
  • विवाह प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • राशन कार्ड
  • गर्भावस्था के दौरान चिकित्सा जांच (ANC) की जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो

क्या राजश्री योजना की बेटियों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा?

राजश्री योजना में पंजीकृत बेटियों को दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। इस योजना को लाडो प्रोत्साहन योजना में मर्ज कर दिया गया है। ऐसे में जिन बेटियों को पहले राजश्री योजना के तहत लाभ मिल रहा था, वे अब नई योजना के अंतर्गत बढ़ी हुई राशि की शेष किस्तों की पात्र होंगी।

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योजना का महत्व

‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य में बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने का एक सशक्त प्रयास है। यह योजना लड़कियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी जरिया बन सकती है, जिससे उन्हें बोझ नहीं बल्कि परिवार की शान माना जाए।

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Pankaj Singh

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