Importance of Property Valuation for Home Loan: प्रॉपर्टी वैल्यूएशन क्यों जरूरी है और इसका होम लोन पर असर

जानिए क्यों होम लोन में प्रॉपर्टी वैल्यूएशन सबसे अहम कदम है, कैसे इससे बदल सकती है आपकी लोन राशि, ब्याज दर और डाउन पेमेंट – एक विशेषज्ञ की नजर से पूरी जानकारी।

By Pankaj Singh
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Importance of Property Valuation for Home Loan: प्रॉपर्टी वैल्यूएशन क्यों जरूरी है और इसका होम लोन पर असर

Importance of Property Valuation for Home Loan आज के समय में इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल लोन अप्रूवल को प्रभावित करता है, बल्कि लोन अमाउंट और शर्तों को भी निर्धारित करता है। जब भी कोई व्यक्ति होम लोन के लिए आवेदन करता है, बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन सबसे पहले यह देखता है कि जिस प्रॉपर्टी पर लोन लिया जा रहा है, उसकी बाजार में वास्तविक कीमत क्या है। इस वैल्यूएशन के आधार पर ही लोन की राशि, लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो और ब्याज दर निर्धारित होती है।

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प्रॉपर्टी वैल्यूएशन से तय होती है लोन पात्रता

होम लोन लेते समय बैंक सिर्फ खरीदी जा रही प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री वैल्यू नहीं देखता, बल्कि उसके मार्केट वैल्यू (Market Value) का आकलन भी करता है। प्रॉपर्टी वैल्यूएशन एक तरह का निष्पक्ष मूल्यांकन होता है जो इस बात का निर्धारण करता है कि उस स्थान, निर्माण गुणवत्ता, सुविधाओं और बाजार ट्रेंड्स के अनुसार उस संपत्ति की वास्तविक कीमत क्या होनी चाहिए। अगर यह वैल्यू अपेक्षा से कम आती है, तो बैंक आपकी मांगी गई लोन राशि से कम फंड दे सकता है।

लोन-टू-वैल्यू रेशियो का सीधा संबंध वैल्यूएशन से

होम लोन में LTV यानी Loan-to-Value रेशियो एक प्रमुख भूमिका निभाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन ₹50 लाख आती है, तो बैंक अधिकतम 75-80% यानी ₹40 लाख तक का लोन दे सकता है। शेष राशि आपको खुद से डाउन पेमेंट के रूप में देनी होती है। प्रॉपर्टी की सही वैल्यूएशन से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपको आवश्यकतानुसार पूरी लोन राशि प्राप्त हो।

कम वैल्यूएशन का हो सकता है आपकी जेब पर असर

अगर आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू बैंक के अनुमान से कम आती है, तो आपको ज्यादा डाउन पेमेंट देना पड़ सकता है या लोन का अप्रूवल टाल भी दिया जा सकता है। इसके अलावा, कई बार बैंकों द्वारा तय ब्याज दर भी प्रॉपर्टी के मूल्यांकन से प्रभावित होती है। हाई वैल्यू प्रॉपर्टी पर बैंकों को कम जोखिम होता है, इसलिए वे ब्याज दरों में रियायत दे सकते हैं।

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मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल होते हैं कई फैक्टर

एक प्रोफेशनल वैल्यूएटर प्रॉपर्टी का मूल्यांकन करते समय उसकी लोकेशन, आस-पास की मूलभूत सुविधाएं, निर्माण की गुणवत्ता, उम्र, फ्लोर प्लान, बिल्डिंग की हालत, और क्षेत्र के रियल एस्टेट ट्रेंड्स को ध्यान में रखता है। यह तकनीकी और कानूनी जांच का भी हिस्सा होता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रॉपर्टी पर कोई विवाद या लीगल कंप्लिकेशन नहीं है।

(FAQs)

क्या प्रॉपर्टी वैल्यूएशन हर होम लोन के लिए अनिवार्य है?
हां, सभी बैंक और वित्तीय संस्थान होम लोन से पहले प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन कराना अनिवार्य मानते हैं।

क्या वैल्यूएशन के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क देना होता है?
अधिकांश मामलों में वैल्यूएशन शुल्क लोन प्रोसेसिंग फीस में शामिल होता है, लेकिन कुछ बैंक इसे अलग से चार्ज करते हैं।

अगर वैल्यूएशन कम आता है तो क्या लोन रिजेक्ट हो सकता है?
हां, यदि प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू बैंक की अपेक्षाओं से काफी कम होती है, तो बैंक लोन रिजेक्ट भी कर सकता है या कम अमाउंट ऑफर कर सकता है।

क्या मैं वैल्यूएशन रिपोर्ट देख सकता हूं?
जी हां, ग्राहक बैंक से अनुरोध कर के वैल्यूएशन रिपोर्ट की प्रति प्राप्त कर सकता है।

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